"फॉरेक्स मार्केट की दुनिया"
आज हम फाइनेंसियल मार्केट का एक और प्रकार जिसका नाम करंसी मार्केट है उसके बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। हर एक देश की अपनी-अपनी करंसी होती है। और हर एक करंसी का अलग-अलग रेट होता है। जैसे भारत का रुपया, अमेरिका का डॉलर, ब्रिटेन का पाउंड। जिस तरह शेयर बाजार में शेयर की खरीदी बिक्री होती है उसी तरह फॉरेक्स मार्केट विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार है!
एक करेंसी की तुलना में दूसरे करेंसी में दैनिक उतार-चढ़ाव आता है। जैसे अमेरिकी $1 की कीमत भारतीय रुपए में लगभग ₹73 है। इसमें भारतीय कारक, वैश्विक कारक के वजह से दैनिक उतार-चढ़ाव होता है।
भारत मे करंसी मार्केट को दो भाग मे बाटा गया।
1) Indian Currency
2) Cross Currency
वर्तमान में भारतीय बाजार में करेंसी ट्रेडिंग करने के लिए चार पीयर उपलब्ध है।
USD/INR
EUR/INR
GBP/INR
JPY/INR
हम इन चार करेंसी पियर में भारतीय ट्रेडिंग एक्सचेंज जो सेबी और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दायरे में काम करते हैं उनके द्वारा इसमें खरीदी बिक्री कर सकते हैं। इसके लिए भी डिमैट अकाउंट की आवश्यकता होती है। हम जब ब्रोकर के द्वारा डिमैट अकाउंट चालू करते हैं तब हम फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए करेंसी अकाउंट भी चालू कर सकते हैं। उस अकाउंट द्वारा हम इन चारों में ट्रेडिंग कर सकते हैं।
" कैसे करेंगे ट्रेडिंग"
सबसे पहले तो हमें डीमैट अकाउंट की आवश्यकता होगी, डिमैट अकाउंट के साथ हमें करेंसी अकाउंट ओपन करना होगा। उसके बाद हमें उन चारों करेंसी में से जिसमें ट्रेड लेना है ब्रोकर के टर्मिनल से उस करेंसी पियर पर जाना होगा।
वर्तमान में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के करेंसी डेरिवेटिव में यूएसडी/आईएनआर (USD/INR) के लिए फ्यूचर और ऑप्शन दोनों ट्रेडिंग के प्रकार उपलब्ध है। मान लीजिए हमें लगता है कि यूएसडी की कीमत आगे बढ़ने वाली है तो हम फ्यूचर का एक लॉट खरीद सकते हैं ।
एक लॉट का साइज 1000 क्वांटिटी के बराबर होता है। वर्तमान में यूएसडी/आईएनआर का प्राइस 73.3700 चल रहा है
यानी हमें 1 यूएसडी/आईएनआर का फ्यूचर का लॉट खरीदने के लिए 73370 रुपए की आवश्यकता होगी, लेकिन ब्रोकर हमें मार्जिन प्रोवाइड करता है। ध्यान रखिए फ्यूचर के कॉन्ट्रैक्ट की मासिक एक्सपायरी डेट होती है, उससे पहले हमें सौदे से निकलना पड़ता है।
"अंतरराष्ट्रीय बाजार में ट्रेडिंग"
करेंसी में अंतर्राष्ट्रीय बाजार मे किसी डीलर के माध्यम से ट्रेडिंग कर सकते हैं।
EUR/USD
USD/JPY
GBP/USD
AUD/USD
यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सबसे ज्यादा ट्रेडिंग होने वाली करंसी पेयर है। जैसे हम शेयर मार्केट में शेयर में खरीदारी बिक्री करते हैं, उसी तरह फॉरेक्स मार्केट में करंसी में ट्रेडिंग करते हैं।
वर्ल्ड कि जितनी करेंसी है उनमें फॉरेक्स मार्केट में ट्रेड होता है। लिक्विडिटी के नुसार वर्ल्ड का सबसे बडा मार्केट है।
"फॉरेक्स मार्केट में कौन-कौन ट्रेड करते हैं"
1) सरकार की तरफ से मध्यवर्ती बँक:-
सरकार को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में आयात के लिए उनके देश की मुद्रा की आवश्यकता होती है। इसलिए हमें अपने रुपए को उनके करेंसी में रूपांतरित करना होता है। और किसी भी देश के एक मुद्रा की तुलना में दूसरे मुद्रा में उतार चढ़ाव आता है । इसीलिए भारत में रिजर्व बैंक अपने रुपए को स्थिर रखने के लिए इसमें ट्रेड करती है।
2) विदेश मे कार्यरत कंपनी :-
जो भारतीय कंपनियां विदेश में कार्यरत होती है उनको अपने कर्मचारियों को विदेशी करेंसी में भुगतान करना होता है। जैसे टीसीएस है, इंफोसिस है, विदेशी करन्सी मे उतार चढाव को देखते हुए अपने रिझर्व को सुरक्षित रखने के लिये विदेश मे कार्यरत कंपनिया ट्रेड करती है।
3) आम निवेशक/ ट्रेडर्स :-
आम निवेशक जो करंसी ट्रेडिंग के मार्फत मुनाफा कमाना चाहते हैं वह इसमें ट्रेडिंग करते हैं।
करन्सी मार्केट मे पिप PIP क्या है
Pip- point in percentage
1 यूएसडी की कीमत भारतीय रुपए में 73.4521 है
USD/INR= 73.4521
अब वह 73.4512 हो जाएगी तो
USD/INR= 73.4522
यहां पर 0.0001 की बढ़ोतरी हुई उसे हम एक पीप कहेंगे।
"मुद्रा बाजार को प्रभावित करने वाले कारक"
मुद्रास्फीति, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) इन जैसे आर्थिक कारक करेंसी के उतार-चढ़ाव को कारणीभूत है। सरकार तथा RBI रिसर्व बँक की मोद्रीक नीती, दो देश के बीच व्यापार स्थिती, राजनैतिक अस्थिरता इ. कारक करन्सी के मूल्य पर प्रभाव डालते है।
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