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Friday, October 16, 2020

Commodity Market kya hai


"ट्रेडिंग का एक विकल्प:- कमोडिटी मार्केट"



फाइनेंसियल मार्केट में स्टॉक मार्केट और कमोडिटी मार्केट (Commodity Market)  ऐसे प्रकार है! स्टॉक मार्केट में शेयर की खरीदी बिक्री होती है, तो कमोडिटी मार्केट में कमोडिटी खरीदी बिक्री होती है, दोनों मार्केट की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं और भिन्नता ये है! तो आज हम कमोडिटी मार्केट के बारे में जानकारी हासिल करेंगे !


"कमोडिटी मार्केट"

कमोडिटी वस्तुओं का एक ऐसा समूह है जिसे खरीदा और बेचा जा सकता है। पहले किसी कमोडिटी को खरीदने और बेचने के लिए दो और दो से ज्यादा व्यक्ति एक जगह पर आकर यह प्रक्रिया करते थे, उसे हम स्पॉट ट्रेडिंग (spot trading) कहते हैं। जैसे अनाज की मंडी, इसमें हम वस्तुु की डिलीवरी लेकर उसका नगद भुगतान करते थे।

अब वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक कमोडिटी एक्सचेंज के माध्यम से हम कमोडिटी की ट्रेडिंग वायदा कारोबार में करते हैं। इसमें हमें ना ही कोई कमोडिटी को किसी जगह पर ले जाकर बेचना पड़ता है, ना ही नगद भुगतान करना पड़ता है। इसकी ऑनलााइन खरीदी बिक्री होती है।

जिस तरह हम शेयर बाज़ार में शेयर की खरीदी बिक्री करते हैं उसी तरह कमोडिटी मार्केट में सोना, चांदी, क्रूड ऑयल इन जैसे कमोडिटी की खरीदी बिक्री करते हैं ! इसीलिए इसे कमोडिटी मार्केट कहा जाता है!

इसमें हम मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) द्वारा ट्रेडिंग कर सकते हैं। इस में सोना, चांदी, क्रुड ऑयल, कॉपर, एलुमिनियम, नेचुरल गेस इत्यादि में हम खरीदी बिक्री कर सकते हैं। यह खरीदी बिक्री फ्यूचर के तौर पर होती है। जिस तरह इक्विटी मार्केट में हम कोई भी शेयर फ्यूचर में लॉट के माध्यम से खरीद सकते हैं, उसी तरह कमोडिटी मार्केट में भी कोई भी कमोडिटी का लॉट एक मा, दो माह, तीन माह के लिए खरीद सकते हैं। इसमें भी हमें मेगा मेगा लॉट और मिनी लॉट ऐसे दो ऑप्शन मिलते हैं।


"कमोडिटी मार्केट और स्टॉक मार्केट में क्या अंतर है !" 


शेयर मार्केट :-

1) शेयर की खरीदी बिक्री होती हे !

2) स्टॉक मार्केट में हम खुद के पैसे से शेयर खरीद कर उसे लंबे समय तक रख सकते हैं!

3) NSE और BSE ऐसे दो एक्सचेंज होते हैं!

4) इसमें बैंकिंग, फार्मा, टेक्नोलॉजी, सर्विस, इत्यादि. सेक्टर होते हैं !


कमोडिटी मार्केट :-

1) इसमें कमोडिटी की खरीदी बिक्री होती है जैसे सोना, क्रूड ऑयल।

2) कमोडिटी मार्केट मे future trading के वजह से इसकी एक्सपायरी डेट होती है!

3) MCX और NCDEX और भी चार एक्सचेंज है।

4) MCX मे बुलियन, बेस मेटल और एनर्जी यह प्रकार होते है। 


"कमोडिटी मार्केट के 6 प्रमुख एक्सचेंज"

1) Multi Commodity Exchange

2) National Commodity & Derivative Exchange

3) National Multi Commodity Exchange

4) Indian Commodity Exchange

5) Ahmedabad Commodity Exchange

6) Universal Commodity Exchange


" कमोडिटी मार्केट में कैसे ट्रेड करें"

जिस तरह शेयर बाजार में शेयर खरीदी करने के लिए हमें डीमैट अकाउंट के माध्यम से शेयर खरीदना पड़ता है, उसी तरह इसमें भी किसी ब्रोकर के पास हम डीमेट अकाउंट चालू करके उसके माध्यम से MCX और NCDX इन जैसे एक्सचेंज द्वारा हम उपलब्ध कमोडिटी में ट्रेडिंग करते हैं। कमोडिटी ट्रेडिंग वायदा कारोबार में उपलब्ध है। यह एक माह से लेकर 6 माह तक का फ्यूचर कांट्रैक्ट रहता है, और इसमें मेगा लॉट और मिनी लॉट ऐसे दो प्रकार आते हैं।


"मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर उपलब्ध कमोडिटी"

बेस मेटल :- तांबा, एल्युमीनियम, लेड, जिंक, निकेल etc.

बुलियन :- सोना, चांदी

एनर्जी :-  क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस 

कृषि कमोडिटी :- कॉटन इलायची काली मिर्च रब्बर इत्यादि

इन सब कमोडिटी में क्रूड ऑयल, सोना, चांदी इसमें सबसे ज्यादा ट्रेडिंग होती है !


"कमोडिटी के कीमत का निर्धारण"

कमोडिटी मार्केट में भी मांग और आपूर्ति द्वारा कीमत का निर्धारण होता है। किसी कमोडिटी की मांग ज्यादा होगी तो उसकी कीमत बढ़ने लगेगी, उस तरह सरकार नई नई पॉलिसी लाती है, उसका भी प्रभाव कमोडिटी पर गिरता है। मान लीजिए किसी क्रूड ऑयल उत्पादन करने वाले देश ने उसका उत्पादन रोक दिया तो आपूर्ति में कमी के कारण क्रूड ऑयल की कीमत बढ़ेगी। अंतर्राष्ट्रीय कारक भी कमोडिटी की कीमत निर्धारण का महत्वपूर्ण घटक है। कृषि कमोडिटी में कृषि उत्पादन मे वृद्धि और घट दोनों ही उनके कीमत निर्धारण में महत्वपूर्ण घटक है। इस तरह कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव होता है।

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