डीमैट अकाउंट कहां ओपन करें
Selection of right broker
भारत में बड़ी मात्रा में स्टॉक ब्रोकर की संख्या है, उसमें भी बैंक द्वारा भी डिमैट अकाउंट चालू कर सकते हैं! वह सारे स्टॉक ब्रोकर अपने अकाउंट ओपन करने के लिए अलग-अलग ऑफर देते हैं; इसलिए निवेशकों को यह तय कर पाना मुश्किल होता है कि कौन सा ब्रोकर अच्छा है किस ब्रोकर के पास डिमैट अकाउंट चालू कराना सुविधाजनक और अच्छा होगा; तो आज हम जानेंगे कि अच्छा ब्रोकर कौन सा है और उस ब्रोकर से कौन सी सुविधाएं अपेक्षित है!
वर्तमान में बैंक, वित्तीय संस्थान और ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट ओपन कर सकते हैं, तीनोंं की अपनी अलग अलग सुविधाएं है ब्रोकर में दो टाइप होते हैं एक डिस्काउंट ब्रोकर और एक रेगुलर ब्रोकर जो अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध कराते है!
सही ब्रोकर चुनने के कुछ पहलू
ब्रोकरेज :- किसी भी शेयर को हम इंट्राडे या डिलीवरी बेसिस पर खरीदी करते हैं इन दोनों पर अलग-अलग ब्रोकरेज लगता है,
भारत में कोई फर्म फ्री डिलीवरी ब्रोकरेज लगाते हैं और इंट्राडे में फ्लैट ब्रोकरेज एनी पर आर्डर ब्रोकरेज लगताा है !
ब्रोकरेज का अन्य दूसरा प्रकार परसेंटेज वॉइस होता है, जैसा कि शेयर की टोटल वैल्यू पर 0.5% या अन्य वैल्यू% ब्रोकर का चार्ज लगाया जाता है ! जब कोई भी निवेशक नया डिमैट अकाउंट ओपन कराता है तो बहुत से ब्रोकरेज कंपनी या हमें ब्रोकरेज कैशबैक देती है! यानी हमें उनके निर्धारित कालावधी तक कुछ भी ब्रोकरेज नहीं लगता है!
Trading software & terminal
ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर और टर्मिनल :- जिस ब्रोकर के पास हमें डीमेट अकाउंट ओपन करआना है वह खुद का ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर प्रोवाइड करता हैै कि नहींं देखें,
सॉफ्टवेयर का कोई शुल्क नहीं लगता !सॉफ्टवेयर मोबाइल लैपटॉप डेस्कटॉप पर उपलब्ध हैै कि नहीं देखें, ब्रोकर के सॉफ्टवेयर से हम किसी भी शेयर के प्राइस का आकलन कर सकते हैं! उसके फंडामेंटल के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं! साथ साथ हम दैनंदिन आर्थिक जानकारी भी हासिल कर सकते हैं!
सेवा का स्तर और रिसर्च:- ज्यादातर ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही होती है परंतुुुु इंटरनेट कनेक्शन जाने पर हमें कॉल ऑन ट्रेड करना पड़ता है, इसीलिए ब्रोकर की कॉल एंड ट्रेड फैसिलिटी है कि नहीं देखे !
ब्रोकरेज कंपनियां खुद की रिसर्च कॉल या किसी कंपनी के बारे में अपनी राय रिसर्च प्रोवाइड करते हैं, ब्रोकरेेेज फर्म daily market outlook देती है!
नए निवेशकों के लिए मार्गदर्शन:- मार्केट में जो कोई नया निवेशक आता है वह ब्रोकर के माध्यम से डिमैट अकाउंट चालू करता है; लेकिन उसे मार्केट के उतार-चढ़ाव केेे बारे में पूर्णता जानकारी नहीं होती है! इसीलिए कोई कोई ब्रोकरेज कंपनी ऑनलाइन वेबीनार के माध्यम से मार्केट के बारेे में जानकारी देती है! साथ साथ उनके टर्मिनल पर मार्केट के हर एक पहलू केे बारे मैं विस्तृत वर्णन होता है! साथ मे हम ब्रोकर केेेेेे एडवाइजर से कॉल से जानकारी प्राप्त कर सकतेे हैं!
कौन सी ब्रोकर फर्म चुने:- डिमैट अकाउंट और ट्रेडिंग इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होती है, ऑनलाइन ब्रोकर और रेगुलर ब्रोकर होते हैं जिनमें ऑनलाइन ब्रोकर की कोई शाखाएं नहीं होती खाली एक मेन ब्रांच होती है और रेगुलर ब्रोकर जो फुल टाइम सर्विस देते हैं उनकी अलग-अलग जगह पर अलग-अलग शाखाएं होती है
डीमेट उपयोगकर्ता का फीडबैक और राय :- आपके पहचान में पहले से ही जो डीमैट अकाउंट उपयोग करता है उससे डीमेट से संबंधित और ब्रोकर से संबंधित जरूरी जानकारी हासिल करें वह ब्रोकर क्या सुविधा देता है और कौन-कौन से चार्ज लेता है इसके बारे में पता लगाएं!
कोई भी ब्रोकर शेयर ट्रेडिंग का कॉन्ट्रैक्ट नोट दैनिक या जिस दिन ट्रेडिंग की है उस दिन देता कि नहीं वह देखें और कॉन्ट्रैक्ट नोट में कुछ ज्यादा चार्जेस लिए क्या नहीं यह भी देखें तथा कॉन्ट्रैक्ट नोट में पारदर्शिता है कि नहीं यह भी जाने!
कोई भी ब्रोकर चुनने के पहले उपायुक्त सभी बातों का ध्यान रखें! ट्रेडिंग में ब्रोकरेज महत्वपूर्ण होता है जितना कम ब्रोकरेज उतना ही उसके ऊपर जीएसटी कम लगेगा, मतलब ब्रोकरेज पर ही 18% जीएसटी लगता है!
0 ₹ brokerage mean 0 ₹ GST
शेयर खरीदारी और बेचने पर लगने वाले शुल्क :-
1) ब्रोकरेज (brokerage)
2) जीएसटी (GST)
3) सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT)
4) एक्सचेंज ट्रांजैक्शन टैक्स (exchange transiction tax)
5) सेबी टर्नओवर फीस (turnover fees)
6) स्टांप ड्यूटी (stamp duty)
इस तरह आप इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए अपना डिमैट अकाउंट किसी ब्रोकरेज फर्म में ओपन करा सकते हैं
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