"शेयर मार्केट में उपयुक्त शब्दावली"
शेयर मार्केट में ऐसे बहुत से तकनीकी शब्द है जिसका अर्थ हमें पता नहीं है तो
आज हम जानेंगे शेयर मार्केट में जो कुछ शब्दों का इस्तेमाल होता है उसका वास्तविक आशय क्या होता है!
जैसे निफ़्टी, सेंसेक्स, कॉल-पुट, ऑप्शन ट्रेडिंग, फ्यूचर ट्रेडिंग, हेजिंग, लिमिट ऑर्डर, स्टॉप लॉस ऑर्डर etc. तो हम एक-एक करके इन सब तकनीकी शब्दों का विश्लेषण करेंगे!
"शेयर मार्केट"
शेयर मार्केट (share market) वह पूंजी बाजार है जिसमें हम स्टॉक एक्सचेंज (stock exchange) पर लिस्ट हुए किसी भी कंपनी के शेयर खरीद सकते हैं और उसे बेच सकते हैं! यानी कंपनी के शेयर की खरीदी-बिक्री का मार्केट मतलब शेयर मार्केट है!
"स्टॉक ब्रोकर" (Stock Broker)
ब्रोकर वह व्यक्ति या संस्था है, जो निवेशकों के लिए शेयर खरेदी करता है और बेचता है और उसके बदले में उसे कमीशन मतलब ब्रोकरेज प्राप्त होता है!
"ब्रोकरेज BROKRAGE"
जब कोई निवेशक ब्रोकर के माध्यम से अपने शेयर की खरीदी और बिक्री करता है तो उस पर ब्रोकर जो कमीशन लेता है उसे ही हम ब्रोकरेज कहते हैं!
"Bull & bear market" तेजी-मंदी
स्टॉक मार्केट में तेजी के बाद मंदी और मंदी के बाद तेजी का चक्र हमेशा चलता रहता है!
तेजी का मतलब जब निवेशक को लगता है कि किसी शेयर की प्राइस (price) भविष्य में ऊपर जा सकती है, उससे निवेशक को मुनाफा होगा!
मंदी का अर्थ निवेशक को लगता है कि किसी शेयर की कीमत उसके वर्तमान कीमत के और नीचे जाएगी!
"Bid-ask & spread"
Bid:- किसी शेयर को खरीदने के लिए बहुत से buyers buying order आर्डर लगाते हैं, उन सभी का शेयर खरीदने का मैक्सिमम आर्डर प्राइस (maximum order price) को बीड कहते हैं !
Ask:- किसी कंपनी के शेयर को बेचने के लिए जब बहुत सारे Selling ऑर्डर लगाते हैं तब सबसे कम जो प्राइस चलेगा उसे आस्क प्राइस (Ask price) कहेंगे!
Spread:- आप और बेड प्राइस के बीच जो फर्क होता है उसे हम स्प्रेड कहते हैं मान लीजिए आज प्राइस ₹50 और बेड प्राइस 52 होगा तो इनके बीच का Difference ₹2 स्प्रेड है!
Intraday:- किसी शेयर को उसके दैनिक उतार-चढ़ाव के बीच खरीद कर उसी दिन बेचना यानी इंट्राडे (Intraday) या डे ट्रेडिंग कहते हैं!
Dividend:- कंपनी के अपने साल भर के व्यापार में जो लाभ अर्जित होता है उस पर टैक्स चुकाने के पश्चात जो लाभ का हिस्सा रहता है उसे शेयरधारकों को भागीदारी के अनुपात में बांटा जाता है उसे ही डिविडेंड कहते हैं!
Index इंडेक्स :- शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव की स्थिति को दर्शाने वाले पैमाने को इंडेक्स कहते हैं! यह बाजार के रुझान को दर्शाता है जैसे निफ़्टी फिफ्टी इंडेक्स, सेंसेक्स!
सेन्सेक्स Sensex:- बॉम्बे स्टॉक एक्स्चेंज (BSE) के संवेदी सूचकांक index को sensex कहते हैं। तीस शेयरों पर आधारित यह सूचकांक बाज़ार के उतार-चढ़ाव को दर्शाता है
निफ्टी Nifty :- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा जो इंडेक्स जारी किया गया है उसे ही निफ्टी कहते हैं निफ्टी में 50 स्टॉक होते हैं उन स्टॉक से ही निफ्टी का उतार-चढ़ाव का रुझान पता चलता है!
आईपीओ Initial Public Offering:- विस्तृत जानकारी यहां पढ़ें
Multibagger:- मल्टीबैगर स्टॉक वह होते हैं जो अंडरवैल्यूड और फंडामेंटली स्ट्रांग होते हैं और अपने निवेश राशि से कई गुना ज्यादा रिटर्न (Retutn) देते हैं!
Limit order:- लिमिट ऑर्डर को फिक्स प्राइस ऑर्डर भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें निवेशक एक तय कीमत पर ही शेयर खरीदी करता है! मान लीजिए SBI ₹300 पर चल रहा है और हमें उसे ₹298 पर खरीदना है तो हम लिमिट ऑर्डर लगाएंगे!
Market Order:- इस टाइप के आर्डर में किसी शेयर की प्राइस Price वर्तमान में जिस कीमत पर है उसी कीमत पर खरीदने के लिए हम मार्केट ऑर्डर market order लगाते हैं! लेकिन मार्केट आर्डर लगाने से हमें उसकी कीमत से थोड़ा ज्यादा या कम रेट Rate में शेयर मिलेगा!
Stop loss Order:- जब किसी निवेशक ने कुछ शेयर खरीद कर रखे हैं, अब वह नुकसान को सीमित करना चाहता हैै तो वह stop loss order का उपयोग करेगा! जैसे SBI के 10 शेयर ₹300 केे भाव से खरीदें और अब वर्तमान में उसकी प्राइस ₹320 है, मुझे लगता है कीमत और बढ़ेगी लेकिन मार्केट है प्राइस नीचे भी गिर सकता है इसीलिए मैं मेरे शेयर को स्टॉप लॉस आर्डर लगाके ₹315 पर सेट करूंगा यानी मार्केट नीचे भी आएगाा तो मुझे नुकसान नहीं होगा!
Portfolio:- किसी निवेशक का शेयर म्यूच्यूअल फंड इत्यादि का जो टोटल निवेश होता है उसे पोर्टफोलियो कहते हैं!उदाहरण मेरे पास एक्सिस बैंक के 100 शेयर 400 के भाव से है; एसबीआई 180 के भाव से 10 शेयर है तो मेरा पोर्टफोलियो 41800 ₹ का है!
Demat Account:-
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