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Thursday, October 8, 2020

Equity Mutual fund

 "Equity Mutual fund and its types"



आज हम जानेंगे इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity mutual fund) क्या होता है, और इसके कौन-कौन से प्रकार है और कौन से इक्विटी फंड भविष्य में अच्छा मुनाफा दे सकते है!

"इक्विटी म्यूचुअल फंड"

जिस फंड में निवेशकों का पैसा फंड मैनेजर इक्विटी मार्केट यानी शेयरों में लगाता है, उसे हम इक्विटी म्यूचुअल फंड कहते हैं! साधारणता कुल निवेश का 60%-90%  तक पैसा इस फंड में लगाया जाता है!


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"इक्विटी म्यूचुअल फंड के प्रकार"

भौगोलिक आधार, बाजार पूंजीकरण, मुनाफे के प्रकार के अनुसार इक्विटी म्यूचुअल फंड के अलग-अलग प्रकार होते हैं! 

इसमें बाजार पूंजीकरण (Market Capitalisation) के अनुसार इस फंड के निम्न ( 4 ) चार प्रकार है!


1) स्मॉल कैप इक्विटी फंड:- 


इसमें फंड मैनेजर कुल परिसंपत्ति (Asset) का 60 से 65% निवेश स्मॉल कैप इक्विटी फंड में लगाते हैं! इस फंड में ज्यादा अस्थिरता (Volatility) होनेेेेे के कारण रिस्क ज्यादा होता है, और मुनाफा भी अच्छा मिल सकता है! इसलिए ज्यादा जोखिम उठाने वाले निवेशक ही इसमे निवेश करें तो योग्य होगा!


2) मिड कैप इक्विटी फंड:-

बाजार पूंजीकरण के हिसाब से शीर्ष 101 से 250 जो कंपनियां होती है उन्हें मिड कैप कंपनियां कहते हैं; और उसी में कंपनियों का मुनाफा, भविष्य की स्थिति, बैलेंस शीट यह सब देख कर इस फंड मे निवेश किया जाता है! लार्ज कैप फंड से इसमें थोड़ा ज्यादा जोखिम रहता है!


3) लार्ज कैप इक्विटी फंड:- 


बाजार पूंजीकरण के हिसाब से शीर्ष (Top) 100 जो कंपनियां होती है उन्हें लार्ज कैप कंपनियां कहते हैं; और इन कंपनियों में इस फंड का पैसा लगाया जाता है! लार्ज कैप इक्विटी फंड में स्थिरता ज्यादा रहती है, इस वजह से इसमें कम जोखिम और साथ में मुनाफा भी कम मिलता है!


4) मल्टिकॅप इक्विटी फंड:- 

 इस तरह के फंड में फंड मैनेजर सभी कॅप के शेयर में थोड़ा थोड़ा निवेश करते हैं! निवेश पर ज्यादा रिटर्न कमाने के लिए फंड मैनेजर इस तरह के फंड में पैसा लगाते हैं!

आप जब भी किसी भी फंड में पैसा लगाओगे तो उसे लंबी अवधि के लिए लगाना उचित रहेगा, कम से कम 5 से 7 साल के लिए ताकि भविष्य में हमें अच्छा मुनाफा होगा!


"निवेश की रणनीति के अनुसार इक्विटी फंड के प्रकार"


Contra fund :- 

जो कंपनी वर्तमान में कमजोर प्रदर्शन कर रही है लेकिन पहले अच्छा प्रदर्शन कर रही थी उस कंपनी में इस फंड का निवेश किया जाता है, क्योंकि फंड मैनेजर को लगता है कि लंबी अवधि में आगे चलकर यह कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करेगी और निवेशको को अच्छा मुनाफा मिलेगा!


Sectoral Equity fund:- 

इस तरह के फंड में किसी निश्चित सेक्टर के शेयर में पैसा लगाया जाता है! जैसे बैंकिंग सेक्टर, फार्मा, टेक्नोलॉजी, सर्विस, ऑटो सेक्टर, इत्यादि. कोई सेक्टर आगे अच्छा प्रदर्शन करेगा इस उम्मीद पर इसमें पैसा लगाया जाता है! लेकिन वह सेक्टर अच्छा प्रदर्शन नहीं करेगा तो निवेशकों को नुकसान होगा!


Focused equity fund:-


मध्यम जोखिम उच्च मुनाफा (moderate risk & higher return) के तौर पर इस फंड में निवेश किया जाता है! इस फंड में वर्तमान में जो शेयर अच्छे प्रदर्शन कर रहे हैं उनमें 60% पैसा ज्यादा से ज्यादा 30 शेयरों में लगाया जाएगा!


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"लाभ के वितरण और भविष्य के ग्रोथ का नजरिया रखकर इक्विटी म्यूच्यूअल फंड को वर्गीकृत किया गया है!"


Dividend fund:-

इस तरह के फंड में फंड मैनेजर निवेशकों का पैसा ऐसे स्टॉक में लगाता है जो अच्छा लाभांश दे रही है!


Value Equity Fund:- 

इसमें फंड मैनेजर ऐसे शेयर को ढूंढता है जो वर्तमान में कमजोर प्रदर्शन (Under perform) कर रहे हैं लेकिन भविष्य में अच्छा प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता (Potential) है! वर्तमान में जिस शेयर पर दांव लगाया जाता है वह कम दाम पर मिल जाते हैं और भविष्य में अच्छा मुनाफा देते हैं इस वजह से इस फंड में अच्छा रिटर्न मिलता है!


Growth Equity Fund:-

इस फंड में जो शेयर होते हैं उनपर लाभांश नहीं मिलता है! लेकिन इन शेयर की कीमत दिन ब दिन बढ़ती जाती है! इसीलिए लंबी अवधि में वह अच्छा मुनाफा देकर जाते हैं!


"टैक्स प्लानिंग के अनुसार इक्विटी फंड के दो प्रकार आते हैं"


1) टैक्स सेविंग इक्विटी फंड (ELSS) :-

इस फंड में 80 से 85 % निवेश इक्विटी मार्केट में किया जाता है! ELSS का 3 साल का लॉक इन पीरियड होता है; 3 साल तक हम पैसा रखेंगे तो हमें आयकर अधिनियम 80C के अंतर्गत कर में छूट मिलेगी!

(ELSS:- Equity Link Saving Scheme)


2) नॉन टैक्स सेविंग इक्विटी फंड:- 

जो ELSS के अंतर्गत नहीं आते उन पर हमें टैक्स देना पड़ता है! अल्पावधि पूंजीगत लाभ कर (Short term capital gain tax) तथा दीर्घावधि पूंजीगत लाभ कर (Long term capital gain tax) दो ना हमें इन इक्विटी फंड पर कर देना पड़ता है!



"निवेशकों के फंड के प्रबंधन के अनुसार इक्विटी म्युचुअल फंड के निम्न दो प्रकार आते हैं!"


1) Active Equity Fund:-

इसमें फंड मैनेजर फंड के शेयरों में क्या हलचल हो रही है, आगे शेयर में क्या हो सकता है, यह सब देखते हैं! इसलिए इनका एक्सपेंस रेशों (Expense Ratio) ज्यादा होता है!


2) Passive Equity Fund:-

इसमें फंड मैनेजर का कोई नियंत्रण नहीं होता है! इंडेक्स फंड, ईटीएफ (ETF) इसमें फंड का निवेश होता है! यानी जैसे जैसे इंडेक्स बढ़ता है वैसे वैसे निवेशकों को मुनाफा होता है!


इस तरह इक्विटी फंड में निवेश करने के लिए तरह-तरह के विकल्प हमारे पास उपलब्ध है! इसलिए जाने कौन सा इक्विटी फंड सबसे अच्छा है और सोच समझकर इक्विटी फंड में निवेश करें!


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